एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य महकमे को हाईटेक करने का दावा कर रही है। सरकार का कहना होता है कि स्वास्थ्य विभाग में लगभग हर जगह बुनियादी सुविधाओं को पूरा कर लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ फिरोजाबाद में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसको देखने के बाद लोगों की आंखें नम हो गई। दरअसल फिरोजाबाद में एक बालिका के शव को उसके परिजन बाइक से ले जा रहे थे।

मृतक बालिका के परिजनों का आरोप है कि 2 घंटे के इंतजार के बाद जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह शव को बाइक पर लेकर जाने लगे। पूरा मामला फिरोजाबाद जिले के सरकारी ट्रामा सेंटर का है, जहां मानवता को शर्मसार करने की तस्वीरें सामने आई है। यहां पर सरकार की योजनाओं को पलीता लगाते हुए एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक 6 वर्षीय मृत बच्ची के शव को उसके परिजन बाइक पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल ये पूरा मामला उत्तर थाना क्षेत्र के में स्थित सरकारी ट्रामा सेंटर का है, जहां पर इलाज के दौरान एक 6 वर्षीय दिव्या नाम की बच्ची की मौत हो गई। मृतक बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची का शव करीब 1 से 2 घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ा रहा लेकिन शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाया गया और इसके लिए परिजन इधर-उधर भटकते रहे।

जब अस्पताल में उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की तो वह थक कर बच्ची के शव को बाइक पर ले जाने के लिए मजबूर हो गए। मामले के संबंध में पूछताछ करने पर फिरोजाबाद के सीएमएस डॉ आलोक शर्मा का कहना था कि बच्ची का 1 मार्च को दुर्घटना हुई थी। इससे पहले उसे किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से परिजन जब उसे सरकारी ट्रामा सेंटर लाए थे। लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।

इस मामले की जानकारी मिलते ही मैं सीधे ट्रामा सेंटर पहुंच गया और वहां के स्टाफ से जानकारी ली। सीएमएस डॉ आलोक शर्मा ने बताया कि जब बच्ची के परिजन उसका शव लेकर आए थे, तब ट्रामा सेंटर का स्टाफ बिजी था। इसी दौरान किसी ने छुपकर इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया। फिर भी मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच की रिपोर्ट के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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