shri sanjay dhotre

वर्ल्ड सम्मिट ऑन द इनफॉरमेशन सोसायटी (डब्ल्यू एस आई एस) 2021 आईसीटी के लिए विश्व समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक कार्यक्रम है जिसका आयोजन सामूहिक रूप से अंतरराष्ट्रीय टेली कम्युनिकेशन यूनियन आईटीयू, यूनेस्को, यूएनडीपी और यूएनसीटीएडी द्वारा किया गया। डब्ल्यू एस आई एस 2021 के उच्च स्तरीय नीति सत्र को संबोधित करते हुए श्री संजय धोत्र (Shri Sanjay Dhotre) ने इंडस्ट्री के आधुनिकीकरण और रूपांतरण के लिए और टिकाऊ विकासलक्ष्य (एसडीजी) को हासिल करने के लिए समग्र आर्थिक विकास के प्रोत्साहन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आईसीटी की भूमिका का उल्लेख किया।

इस सत्र में आईटीयू के महासचिव तथा रूस, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, जिंबाब्वे और ईरान के मंत्रियों के साथ साथ दुनिया के कई नेता और उच्चगणमान्य लोग उपस्थित रहे। भारत में डिजिटल खाई को पाटने के लिए सामने आ रही चुनौतियों से सम्बंधित एक प्रश्न के उत्तर में भारतीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही नीतियों और कार्यक्रमों का उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी शुरू की गई पहल का उद्देश्य न सिर्फ महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने का प्रबंधन करना था बल्कि देश में डिजिटल खाई को पाटना भी था। उन्होंने नागरिकों के स्वास्थ्य की स्थिति पर उन्हें सतर्क करने के लिए आरोग्य सेतु मंच का उल्लेख किया।

साथ ही चिन्हित क्षेत्र में लक्षित संदेश प्रसारित करने के लिए कोविड सावधान प्रणाली का जिक्र किया और घर से या किसी अन्य स्थान से काम करने के लिए सुविधा ढांचे पर बात की और पीएम-वाणी योजना के अंतर्गत लोगों के लिए वाईफाई के प्रभावी इस्तेमाल का जिक्र किया जिससे देश भर में नागरिकों को प्रभावी ढंग से सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली। सुदूर क्षेत्रों में टेलीकॉम बुनियादी ढांचा विकसित करने पर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए श्री संजय धोत्रे (Shri Sanjay Dhotre) ने कहा कि महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत नेट के माध्यम से 4,00,000 किलोमीटर से अधिक दूरी में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और उपग्रह संचार सेवा का इस्तेमाल करने के साथ लगभग 6,00,000 गांवों को जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे धन से सबमरीन केबल नेटवर्क के जरिए अंडमान वनिकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षदीप के सुदूरवर्ती और छोटे द्वीपों और अन्यक्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। श्री संजय धोत्रे (Shri Sanjay Dhotre) ने कहा कि अकादमिक जगत, स्टार्टअप और एसएमई की सहभागिता से भारत में आईटीयू एरिया ऑफिस और इनोवेशनसेंटर शुरू किए जाने से प्रौद्योगिकी के विकास और विकासशील देशों के ग्रामीण तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लिए सबसे उपयोगी व्यवस्थाएं और मानकीकरण तथा प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था अनेक विकासशील देशों में डिजिटल खाई को पाटने और एसडीजी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आधार बनेगी। साथ ही श्री संजय धोत्रे ने कहा कि डिजिटल विभाजन को खत्म करने के लिए भारत सूचना संचार प्रौद्योगिकी का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है

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