nikita tomars mother

बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में B.com फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर (Nikita Tomar) एग्जाम देकर कॉलेज से बाहर निकल रही थी कि तभी अचानक तौसीफ और रेहान ने आकर उसका किडनैप करने की कोशिश की। कोशिश में नाकाम होने पर उन्होंने निकिता की गोली मार कर हत्या कर दी थी| सारी वारदात कॉलेज के CCTV कैमरे में कैद हो गयी थी। जिसके बाद फरीदाबाद पुलिस ने तौसीफ, रेहान और अजरुद्दीन के खिलाफ 11 दिन में चार्ज शीट जारी कर गिरफ्तार किया था।

यह दर्दनाक वारदात 26 अक्टूबर 2020 को बल्लबगढ़ में हुई थी जिसके बाद यह केस फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंप दिया गया था। वहीं फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने 1 नवंबर 2020 से ट्रायल शुरू कर दिया था। जिसमे 30 सुनवाई कर 24 मार्च को फैसला सुरक्षित कर दिया था। ट्रायल के दौरान पीड़िता के परिवार वालो की तरफ से 55 गवाह पेश किए गए। वहीं तौसीफ और रेहान की तरफ से  सिर्फ 2 ही गवाह पेश हुए थे।

tohsif khan

वहीं निकिता तोमर (Nikita Tomar) के पिता ने कहा था कि हमे अपने कानून पर भरोसा है कि दोषियों को सजा मिलेगी और मैं चाहता हूँ कि उन्हें फांसी की सजा हो। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सरासर लव जिहाद का मामला है। और मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटी की कुर्बानी बेकार जाए। और साथ ही उन्होंने कहा मेरी बेटी को सम्मान दिया जाए और लव जिहाद के खिलाफ सख्त क़ानून बनाए जाएँ। ताकि फिर कभी किसी की बेटी के साथ ऐसा न हो।

निकिता तोमर हत्याकांड में फरीदाबाद के फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों यानि रेहान और तौसीफ को कल शुक्रवार 26 मार्च को पूरे 5 महीने बाद उम्रकैद की सुनाई गयी है। दोनों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 मार्च को दोषी करार कर दिया था। वहीं इसके बाद निकिता की माँ ने कहा कि वह इस फैसले से खुश नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन दोनों दोषियों को उम्रकैद नहीं, फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए। इसलिए मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूँ। बता दें कि शुक्रवार की सुबह तौसीफ और रेहान को फरीदाबाद की कोर्ट में पेश किया गया था। जिसके बाद सजा पर दोनों पक्षों में बहस हुई। बाद में फरीदाबाद कोर्ट ने शुक्रवार दोपहर चार बजे के करीब तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा का ऐलान कर दिया।

Written By: Nandita Mehra

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