मेरे प्यारे देशवासियो, हम सब, अपने नियत कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करें और आज़ादी का ‘अमृत महोत्सव’ का मतलब यही है कि हम नए संकल्प करें। उन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए जी-जान से जुट जाएँ और संकल्प वो हो जो समाज की भलाई के हो, देश की भलाई के हो, भारत के उज्जवल भविष्य के लिए हो, और संकल्प वो हो, जिसमें, मेरा, अपना, स्वयं का कुछ-न-कुछ जिम्मा हो, मेरा अपना कर्तव्य जुड़ा हुआ हो। मुझे विश्वास है, गीता को जीने का ये स्वर्ण अवसर, हम लोगों के पास है।

साथियो, ये दिलचस्प है, इसी मार्च महीने में, जब हम महिला दिवस celebrate कर रहे थे, तब कई महिला खिलाड़ियों ने Medals और Records अपने नाम किये हैं। दिल्ली में आयोजित shooting में ISSF World Cup में भारत शीर्ष स्थान पर रहा।Gold Medal की संख्या के मामले में भी भारत ने बाजी मारी। ये भारत के महिला और पुरुष निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन की वजह से ही संभव हो पाया। इस बीच, पी.वी.सिन्धु जी ने BWF Swiss Open Super 300 Tournament में Silver Medal जीता है। आज,Education से लेकर Entrepreneurship तक, Armed Forces से लेकर Science & Technology तक, हर जगह देश की बेटियाँ, अपनी, अलग पहचान बना रही हैं।

PM Modi
New Delhi, Sep 08 (ANI): Prime Minister, Narendra Modi addressing at the inauguration of the Patrika Gate in Jaipur, through video conferencing in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo)

मुझे विशेष ख़ुशी इस बात से है, कि, बेटियाँ खेलों में, अपना एक नया मुकाम बना रही हैं।Professional Choice के रूप में Sports एक पसंद बनकर उभर रहा है| साथियो,इस दौरान 4 अप्रैल को देश ईस्टर भी मनाएगा।Jesus Christ के पुनर्जीवन के उत्सव के रूप में ईस्टर का त्योहार मनाया जाता है। प्रतीकात्मक रूप से कहें तो ईस्टर जीवन की नई शुरुआत से जुड़ा है।ईस्टर उम्मीदों के पुनर्जीवित होने का प्रतीक है। On this holy and auspicious occasion, I greet not only the Christian Community in India, but also Christians globally.

मेरे प्यारे देशवासियो, आज ‘मन की बात’ में हमने ‘अमृत महोत्सव’ और देश के लिए अपने कर्तव्यों की बात की।हमने अन्य पर्वों और त्योहारों पर भी चर्चा की।इसी बीच एक और पर्व आने वाला है जो हमारे संवैधानिक अधिकारों, और कर्तव्यों की याद दिलाता है।वो है 14 अप्रैल – डॉक्टर बाबा साहेब अम्बेडकर जी की जन्म जयंती।इस बार ‘अमृत महोत्सव’ में तो ये अवसर और भी ख़ास बन गया है। मुझे विश्वास है, बाबा साहेब की इस जन्म जयंती को हम जरूर यादगार बनाएँगे, अपने कर्तव्यों का संकल्प लेकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।इसी विश्वास के साथ, आप सभी को पर्व त्योहारों की एक बार फिर शुभकामनाएँ।आप सब खुश रहिए, स्वस्थ रहिए, और खूब उल्लास मनाइए। इसी कामना के साथ फिर से याद कराता हूँ ‘दवाई भी – कड़ाई भी’। बहुत बहुत धन्यवाद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×

Powered by WhatsApp Chat

× How can I help you?