यूपी के कानपुर देहात के मड़ौली पीएचसी में गुरुवार को एक महिला को कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान दो बार टीका लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग में अकबरपुर सीएचसी प्रभारी ने अधिकारियों ने एक 3 सदस्य टीम गठित की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ये टीम इस लापरवाही की जांच करेगी। साथ ही कानपुर देहात जिले के सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को टीकाकरण करने वाले कर्मियों के फोन को टीका लगाने के दौरान जमा कराने का निर्देश दे दिया है।

बता दें कि कानपुर देहात के अकबरपुर ब्लॉक के मरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को कोरोना की वैक्सीन लगवाने कमलेश देवी पत्नी विपिन कुमार पहुंची थी। कमलेश देवी को एएनएम अर्चना ने फोन पर बातचीत के दौरान दो बार वैक्सीन लगा दी। इसकी जानकारी जब कमलेश के परिजनों को हुई तो उन्होंने इस संबंध में अपना विरोध दर्ज कराया। तब एएनएम ने उनके परिजनों से बदसलूकी भी की थी। जिसके बाद कमलेश देवी के परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के आला अधिकारियों से शिकायत की थी।

मामले के संज्ञान में आने के बाद बरौली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ राकेश यादव ने महिला को डेढ़ घंटे तक अस्पताल की निगरानी में रखा और पीड़िता की शिकायत पर एएनएम अर्चना के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएचसी प्रभारी अकबरपुर को रिपोर्ट भेज दी। एएनएम अर्चना के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद सीएचसी प्रभारी अकबरपुर ने डॉक्टर आईएच खान ने डॉक्टरों की एक तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। इस टीम में डॉक्टर शिवम तिवारी, डॉक्टर दीक्षांत तिवारी तथा स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राजीव त्रिपाठी शामिल हैं। ये तीन सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएचसी प्रभारी अकबरपुर को सौंपेंगे। सीएचसी प्रभारी अकबरपुर डॉक्टर आईएच खान ने बताया की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल सीएमओ ने टीकाकरण करने वाले कर्मियों के फोन को टीका लगाने के दौरान जमा कराने का निर्देश दे दिया है।

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