भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को संकेत दिया कि कोरोना महामारी के बीच क्रिकेटर जिस तरह मानसिक रूप से थकाऊ बायो बबल में रहने को मजबूर हैं, उसके मद्देनजर आने वाले समय में दो अलग-अलग जगहों पर दो भारतीय टीमों का एक समय पर खेलना आम बात हो जाएगी। कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने रवाना होगी। वहीं दूसरे दर्जे की भारतीय टीम जुलाई में सीमित ओवरों की सीरीज खेलने श्रीलंका जाएगी।

कोहली ने कहा कि खिलाड़ियों को कार्यभार प्रबंधन ही नहीं बल्कि बायो बबल से होने वाली मानसिक थकान से रिकवरी के लिए भी ब्रेक की जरूरत है। उन्होंने रवानगी से पहले कहा, ‘मौजूदा ढांचे और लंबे समय से जिस तरह के ढांचे में हम खेल रहे हैं, उसमें खिलाड़ियों का जोश बनाए रखना और मानसिक ठहराव को पाना मुश्किल है।’ उन्होंने कहा, ‘आप एक ही इलाके में कैद रहते हैं और रोज एक सी दिनचर्या रहती है। ऐसे में भविष्य में दो टीमों का एक समय पर अलग अलग जगहों पर खेलना आम बात होगी।’

बुधवार 2 जून को इंग्लैंड रवाना होने से पहले भारतीय टीम की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें कप्तान कोहली और कोच शास्त्री मौजूद थे. इस दौरान दोनों ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से लेकर टीम इंडिया के लंबे इंग्लैंड दौरे समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान एक सवाल इंग्लैंड में कोहली के पहले दौरे को लेकर पूछा गया, कि 2014 के इंग्लैंड दौरे वाले विराट कोहली और आज के विराट कोहली में क्या फर्क है.

इसका जवाब भारतीय कोच रवि शास्त्री ने अपने ही खास अंदाज में दिया, जिसमें हल्का मजाक था और साथ ही अपने कप्तान पर दृढ़ भरोसा भी था. शास्त्री ने कोहली की तारीफ करते हुए कहा, “2014 और आज के कोहली में फर्क है कि सबसे पहले तो वह अब पतले हो गए हैं. ज्यादा फिट हैं. वह टीम के कप्तान हैं और भारत के सबसे सफल कप्तान हैं और सिर्फ 5500 रन ज्यादा बना चुके हैं.”

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