कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद के बुधवार को भाजपा में शामिल होने के कदम को कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने पार्टी की बड़ी क्षति बताया है। इसको लेकर कांग्रेस की बागी विधायक ने पार्टी को नसीहत दी है। उन्होंने कहा पार्टी को आत्ममंथन करने की जरूरत है। रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह को कांग्रेस ने निलंबित कर रखा है। कांग्रेस से विधायक रहे दिवंगत बाहुबली अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद का पार्टी को छोड़कर जाना एक बड़ी क्षति है। अब तो पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। पार्टी में सुनवाई न होने के कारण युवा नेताओं में निराशा है। जितिन प्रसाद का कांग्रेस से जाना बहुत बड़ा नुकसान है। उनका खमियाजा उन्हें 2022 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
विधायक अदिति सिंह ने कहा कि हमारी समस्या शीर्ष नेतृत्व नहीं सुनता है। इसका उदाहरण समय-समय पर देखने को मिलता है। जनप्रतिनिधि की बात हाईकामान नहीं सुनता है। जबकि आपको उनकी बात सुननी पड़ेगी। अगर आप नहीं सुनते हैं तो भला आपकी पार्टी में लोग कैसे रहेंगे। इसीलिए धीरे-धीरे करके युवा कांग्रेस छोड़ रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और कुंवर जितिन प्रसाद जैसे वरिष्ठ नेता क्यों जा रहे हैं। यह तो तय हो गया है कि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बनती जा रही है। भाजपा में जितिन प्रसाद जी का भविष्य काफी उज्ज्वल होगा।
अदिति सिंह ने कहा, ‘‘जितिन प्रसाद का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए समस्या है। अब तो बड़े नेताओं को उत्तर प्रदेश में जमीन पर काम करने की जरूरत है। मंथन करें कि आखिर बड़े नेता पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की सियासत में जमीन पर कांग्रेस को काम करने की जरूरत है। मैं सच और साफ बोलती हूं। मेरी बात अगर किसी को बुरा लगती है तो हम इसका कुछ नहीं कर सकते। मैं प्रियंका गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करती, लेकिन उन्हें खुद देखने की जरूरत है।’’
वहीं राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने भी जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे नेता आयाराम-गयाराम वाले होते हैं। जोशी ने कहा कि जो भी नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गया उसको वहां कुछ भी नहीं मिला। मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया आज पांचवें-छठे नंबर के नेता भी नहीं है जबकि वो कांग्रेस में रहते हुए कभी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे।

उधर सचिन पायलट की नाराजगी की खबरों के बाद राजस्थान में भी सियासी उठापटक के कयास लगाए जा रहे हैं। जोशी का कहना है कि राजस्थान में इस तरह का खतरा नहीं है। राजस्थान को कोई भी नेता इस तरह का कदम नहीं उठाएगा। जोशी ने कहा कि थोड़े बहुत मतभेद सभी जगह होते हैं, लेकिन हम उन्हें सुलझा लेंगे।

जितिन के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस से मिलीजुली प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘जाने वाले जाते रहते हैं, हम किसी को रोक नहीं सकते। यह उनका फैसला है, उनका भी कांग्रेस में ही भविष्य होता। जो भी हो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’

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