प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्यूएस वल्र्ड रैंकिंग में स्थान बनाने वाले आईआईटी-बॉम्बे, आईआईटी-दिल्ली और भारतीय विज्ञान संस्थान- बैंगलुरु को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के और अधिक विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान वैश्विक उत्कृष्टता सुनिश्चित करें एवं युवाओं के बीच बौद्धिक कौशल का समर्थन हासिल करें, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। क्यूएस वल्र्ड रैंकिंग्स में विश्व के टॉप 200 शिक्षण संस्थानों में आईआईटी-बॉम्बे 177वें, आईआईटी दिल्ली 185वें और बैंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान 186वें स्थान पर आया है।

विश्व के टॉप 1000 उच्च शिक्षण संस्थानों में भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों की मौजूदगी के लिहाज से कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है। वर्ष 2018 की रैंकिंग में कुल 20 भारतीय संस्थान इस रैंकिंग में शामिल थे। 2019 में 24, 2020 में 23 और इस वर्ष की रैंकिंग में 22 भारतीय संस्थानों ने विश्व के टॉप 1000 उच्च शिक्षण संस्थानों में जगह बनाई है।

क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इस बार अपना स्थान बनाने में कामयाब रहा है। जेएनयू को क्यू एस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 561-570 रैंकिंग बैंड में जगह दी गई है। जेएनयू की वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2022 में यह शानदार एंट्री विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए नए स्नातक स्तर के इंजीनियरिंग कोर्स के कारण हुई है।

क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में विश्व के टॉप 200 शिक्षण संस्थानों में तीन भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानो ने अपनी जगह बनाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इसपर खुशी जाहिर की है। वहीं, आईआईटी-दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा है कि हम वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से अपना योगदान करना जारी रखेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, “मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी और गर्व महसूस हो रहा है कि क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में 22 भारतीय विश्वविद्यालयों ने टॉप 1000 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है। वहीं, हाल ही में जारी हुई टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में 18 विश्वविद्यालयों ने टॉप 200 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है।”

निशंक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों ने हाल ही में सभी प्रकार की रैंकिंग्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम नई शिक्षा नीति लेकर आए जो कि हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्हें वैश्विक पटल पर नई पहचान स्थापित करने में मदद करेगी। भारतीय शिक्षा प्रणाली को हमेशा से ही विश्व में सराहा गया है। नई शिक्षा नीति में दिए गए प्रावधानों से सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षा के मापदंड और ऊंचे होंगे।

क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 पर टिप्पणी करते हुए, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो वी रामगोपाल राव ने कहा, “कोई भी रैंकिंग संस्थागत प्रदर्शन का एक अच्छा उपाय नहीं हो सकता है। विशेष रूप से आईआईटी-दिल्ली जैसे प्रौद्योगिकी केंद्रित संस्थान के लिए। हालांकि आईआईटी-दिल्ली ने अपनी रैंकिंग में और सुधार किया है। हम वैज्ञानिक, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से भारत और विश्व के लिए योगदान करना जारी रखेंगे।”

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