दिल्ली विश्वविद्यालय के कालेजों एवं विभागों में सोमवार से पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों, एमफिल व पीएचडी के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई। यह प्रक्रिया अगले महीने 21 अगस्त तक जारी रहेगी। इन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्र 21 अगस्त तक आवेदन फार्म भर सकते हैं। दाखिले के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक पोर्टल लांच किया है। विश्वविद्यालय की प्रवेश शाखा ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में दाखिला शुरू करने की यह घोषणा की है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति पीसी जोशी के मुताबिक विश्वविद्यालय ने यह भी निर्णय लिया है कि मेरिट आधारित और प्रवेश आधारित प्रवेश के लिए पंजीकरण शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा। केंद्रीकृत यूजी प्रवेश एक पंजीकरण-सह-आवेदन पत्र के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विभाग, कॉलेज प्रवेश के लिए एक ही पंजीकरण-सह-आवेदन प्रपत्र का उपयोग करेंगे। उम्मीदवारों को कोई अन्य प्रपत्र नहीं भरना है।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए, उम्मीदवारों को एक पंजीकरण फॉर्म भरना होगा, लेकिन एक से अधिक कार्यक्रमों का विकल्प चुनने पर अलग पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं एमफिल, पीएचडी के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को एक सामान्य पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। किसी भी स्थिति में पंजीकरण शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष कोविड महामारी के कारण सामने आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष, छात्रों के लाभ के लिए, विश्वविद्यालय ने पात्रता मानदंड को पिछले वर्ष की तरह बनाए रखने का निर्णय लिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक सभी स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा, चयनित स्नातक कार्यक्रमों और एमफिल, पीएचडी कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जाएगा।

गैर-नेट उम्मीदवार जो पीएचडी में प्रवेश पाने के इच्छुक हैं और एमफिल कार्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा 2021 में उपस्थित होना होगा। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए इस वर्ष कॉमन एंट्रेंस टेस्ट नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय कोविड19 महामारी के मद्देनजर लिया गया है। यूजीसी ने एक अहम निर्णय की जानकारी सांझा करते हुए कहा है कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पिछले वर्षों के अनुसार जारी रह सकती है। यूजीसी के मुताबिक केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट अगले वर्ष यानी अकादमिक सत्र 2022-23 से लागू किया जा सकता है।

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