फास्टैग के आ जाने से देशभर कि अधिकतर टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइन से छुटकारा मिल चुका है। केंद्र सरकार ने इन टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। इस सुविधा के जरिए किसी भी वाहन को टोल प्लाज पर रुककर कैश पेमेंट करने की जरूरत नहीं होती। यहां पर फास्टैग लेन से गुजरने पर ऑटोमेटिक रूप से पैसे कट जाता है। इसके लिए किसी भी बैंक या पेटीएम से एक नॉमिनल चार्ज देकर प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि फास्टैग को अभी भी लोग पूरी तरह से नहीं समझ पाये जिसकी वजह से उन्हें कभी कभी काफी नुकसान झेलना पड़ता है।

किसी फास्टैग लेन में एक ही बार क्रॉस करने पर दो बार पैसे कट जाते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि आपके फास्टैग से पैसे नहीं कटते हैं और आप कैश में पेमेंट कर देते हैं. इसके थोड़ी देर बाद मैसेज आता है कि फास्टैग से भी पैसे कट गए हैं. ऐसी भी स्थिति में आपको दो बार पैसे देने पड़ते हैं. ऐसा भी होता है कि तय चार्ज से अधिक पैसे कट जाते हैं। 24 घंटे में वापसी करने पर चार्ज में कुछ छूट मिलती है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि वापसी में भी पूरे पैसे कट जाते हैं। ऐसा भी होता है कि पास लेने या किसी छूट मिलने के बाद भी फास्टैग से पैसे कट जाते हैं।
फास्टैग से जुड़ी शिकायत करने के लिए आपको पहले से ही कुछ बातों को ध्यान में रखना होता है. सबसे पहले तो यह ध्यान में रखें कि फास्टैग से जुड़े लेनदेन की ट्रांजैक्शन आईडी या रेफरेंस नंबर संभाल कर रखें. संभव हो तो पैसे कटने पर आपके फोन पर आए मैसेज का स्क्रीशॉट भी रखें. अगर आपने फास्टैग से पैसे नहीं कटने की स्थिति में कैश पेमेंट किया है तो उसकी स्पष्ट स्कैन कॉपी भी रखें।
आपको बता दें कि फास्टैग के लेनदेन से जुड़ी शिकायत करने के लिए आपके पास दो तरीके हैं. पहला तो यह कि आपने जिस बैंक या पेटीएम से फास्टैग लिया है, उसके आधिकारिक टोल फ्री नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं. ये कस्टमर केयर एग्जीक्युटिव आपको पूरी जानकारी देंगे और समस्या का समाधार कर देंगे. शिकायत दर्ज करने का दूसरा तरीका संबंधित बैंक के फास्टैग के पोर्टल है. हर बेंक ने फास्टैग के लिए अलग से पोर्टल बनाया है. इस पोर्टल पर आपको अपने फास्टैग से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी।
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