वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 20 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर बढ़ा है। कोविड-19 महामारी की घातक दूसरी लहर की चपेट में आने के बावजूद पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की यह गति एक अच्छा संकेत है। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह किसी वित्तीय वर्ष में तिमाही आधार पर सबसे बेहतरीन वृद्धि है। लो बेस इफेक्ट को इस वृद्धि की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार 2021-22 के पहली तिमाही में जीडीपी 32.38 लाख करोड़ रुपये रही है, जो 2020-21 की पहली तिमाही में 26.95 लाख करोड़ रुपये थी। यानी साल दर साल के आधार पर जीडीपी में 20.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल 2020-21 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 23.9 फीसदी की गिरावट आई थी।

एसबीआई की ईकोरैप रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी की दर 18.5 फीसदी रह सकती है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान था कि पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था 21.4 फीसदी की दर दिखा सकती है। अभी सरकारी आंकड़ों के अनुसार जीडीपी ग्रोथ रेट 20.1 फीसदी है, जो रिजर्व बैंक के अनुमान के बेहद करीब है। जीडीपी की इतनी शानदार ग्रोथ रेट ये संकेत दे रही है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से सुधर रही है।

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