मध्य प्रदेश में एमबीबीएस के छात्रों को महापुरुषों के विचार भी पढ़ाए जाएंगे। महापुरुषों की सूची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ. हेगडेवार का भी नाम होने पर बवाल मच गया है। कांग्रेस जहां भाजपा पर हमला बोल रही है, तो वहीं भाजपा का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा के साथ चिकित्सकों को महापुरुषों के बारे में भी जानना जरूरी है।

राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में फाउंडेशन कोर्स के जरिए छात्रों को एक माह तक बौद्धिक विकास के लिए विचारकों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसमें महर्षि चरक, सर्जरी के पितामह आर्चाय सुश्रुत, स्वामी विवेकानंद, डॉ. भीमराव अंबेडकर, आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेगडेवार और दीनदयाल उपाध्याय शामिल हैं, जिनके विचारों से छात्रों को अवगत कराया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने फाउंडेशन कोर्स में महापुरुषों के विचारों को शामिल करने के लिए सुझाव देने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई थी। इस समिति ने विचारों के सिद्धांत, जीवन दर्शन के महत्व वाले लेक्चर को कोर्स में शामिल करने पर सहमति जताई।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने विचारकों मे हेगडेवार का नाम शामिल किए जाने पर तंज कसा और ट्वीट करके कहा, “अकेले हेडगेवार – दीनदयाल ही क्यों? सावरकर के माफीनामे और गोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या के बारे में भी पढ़ाएं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं तो भाजपा सरकार से बोलता हूँ कि सावरकर और गोडसे के बारे में भी बच्चों को पढ़ाएं जिससे पता चले कि सावरकर ने कितनी बार अंग्रेजों को माफीनामे लिखे और गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की।”

कांग्रेस द्वारा आरएसएस के हेडगेवार के विचारों को एमबीबीएस के छात्रों को पढ़ाने के फैसले पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा, “जो लोग देश के लिए आइडियल हैं, जिन्होंने देश के लिए कुछ किया है, ऐसे देशभक्तों के बारे में सबको पढ़ने की जरूरत है, उनके बारे में सबको जानकारी होना चाहिए। ऐसे आइडियल लोगों को चाहे चिकित्सा शिक्षा का पाठ्यक्रम हो या अन्य कोई, उसमें शामिल किया जाना चाहिए। छात्र को अपने विषय की जानकारी तो हो ही, उसे देश के क्रांतिकारियों के बारे में भी जानना जरूरी है।”

चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम में महापुरुषों की सूची में हेगडेवार को शामिल किए जाने पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी हों, डॉ. अंबेडकर हों, सुभाषचंद्र बोस हों, वे देश के लिए आइडियल हैं, इसलिए उनके बारे में देश को जानकारी होनी चाहिए। भाजपा के लिए जो आइडियल हैं वो जरूर आएंगे, जो कांग्रेस के लिए आइडियल हैं, असली गांधी जरूर सम्मिलित हैं, लेकिन आप कहें कि आज के गांधियों को शामिल कर लिया जाए तो देश जानना चाहता है कि क्या किया है, इन्होंने देश के लिए।

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